Kane and Abel Podcast with Imtiaz Mirza cover art

Kane and Abel

Preview
LIMITED TIME OFFER

3 Months Free

£5.99/mo after 3 months. Cancel monthly.
Get this deal
Offer ends on 15 July 2026 at 11:59 BST.
More purchase options

Kane and Abel

By: Jeffery Archer
Narrated by: Imtiaz Mirza
Get this deal

£5.99/mo after 3 months. Cancel monthly.

विलियम लोवेल केन और एबेल रोस्नोवस्की, एक बोस्टन के करोड़पति के बेटा और एक निर्धन पोलिश आप्रवासी, केवल एक ही चीज दोनों में समान थी । वे दोनों एक ही दिन में दुनिया के विपरीत छोर पर पैदा हुए थे, लेकिन उनकी राहें एक दूसरे से टकरा कर एक ऐसी लड़ाई मैं बदल गयी जहाँ यह के दुसरे को तबाह करने मैं जुट गए! यह अद्भुत कहानी 60 वर्षों में फैली हुई है, दो शक्तिशाली पुरुषों के बीच एक अटूट घृणा से जुड़ी हुई है, जिन्हें भाग्य ने एक दूसरे को बचाने और अंत में नष्ट करने के लिए एक साथ मैं लाता है ! संगीत : आदित्य कुमार इफ़ेक्ट और फोली: रेनी सिंह आवाज निर्देशक: आदित्य कुमार क्रिएटिव निर्देशक: इन्दर कोचर डिसक्लेमर: इस शो का उद्देश्य सुनने वालों को मनोरंजन के लिए है। यह ऑडियो सीरीज ""केन और एबल - जेफरी आर्चर"" की किताब पर आधारित है। इस शो का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, एकाई, जाति, समुदाय, जाति, धर्म, संस्थान या किसी भी व्यक्ति, जीवित या मरे हुए को आपत्ति देने या अपमानित करने का नहीं है। सुनने वालों की विवेकपूर्णता की सलाह दी जाती है।©2023 Jeffery Archer (P)2023 White Script Historical Fiction
Episodes
  • रक्त का रिश्ता
    Dec 7 2023
    8 अप्रैल 1906 को, स्लोनिम, पोलैंड में, एक छोटे लड़के ने जंगल में एक नन्हे इंसान के बच्चे को बचाया, जिसे वह अपनी माँ के पास ले जाता है। इस कार्य में उसकी माँ की मदद करती है, और उनके परिवार को एक नया सदस्य मिलता है।
    Show More Show Less
    10 mins
  • जीवन की शुरुआत
    Dec 7 2023
    एक अमीर परिवार में पहली बार बेटा हुआ। एक गरीब परिवार में नवजात बच्ची को माँ ने जन्म दिया। दोनों परिवारों के लिए यह एक ख़ास दिन था। पर दोनों की प्रतिक्रियाएँ बिलकुल अलग थीं।
    Show More Show Less
    13 mins
  • खुशियों का अलग मतलब
    Dec 7 2023
    एक ही दिन एक अमीर और एक गरीब परिवार में बच्चे हुए। अमीर परिवार में पुत्र जनम की ख़ुशी थी। गरीब परिवार को बेटी के जीवित रहने पर भी ख़ुशी थी। परिवारों की ख़ुशियों का आधार स्वयं की स्थिति थी। दोनों परिवार अपने हिसाब से जीवन को भविष्य के लिए पिरोने लगे !
    Show More Show Less
    12 mins
adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
No reviews yet